दोस्तों, सुबह से ही क्या माहौल है! कोहरे की मोटी चादर, सिहराती हवा, और वह तेज ठंड जो हड्डियों तक को जमा दे। आज जब मैंने अपनी गर्म चादर छोड़ी, तो एक खबर ने मेरा दिन बना दिया। सरकार ने घोषणा की है कि Winter Vacation अब और बढ़ गई है। आठवीं कक्षा तक के सभी विद्यालय बंद रहेंगे। है ना बड़ी रिलीफ वाली खबर?
मेरे मन में पहला विचार यह आया – “क्या खूब!” लेकिन फिर, अगले ही पल एक मिक्स्ड फीलिंग होने लगी। बच्चों की सुरक्षा और सेहत का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। यह सही फैसला है। पर मैं उन माता-पिता के बारे में सोचने लगा, जिनके लिए यह समय और भी मुश्किल भरा हो जाता है।
क्यों लिया गया यह बड़ा निर्णय?
मौसम विभाग की चेतावनी के मुताबिक, पारा और गिरने की संभावना है। कोहरा इतना सघन है कि सड़कों पर दिखना मुश्किल हो रहा है। छोटे बच्चों के लिए यह मौसम बहुत नाजुक होता है। उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है। ऐसे में, उन्हें घर से बाहर निकालना खतरे से खाली नहीं। सरकार ने यह आर्डर बच्चों की हिफाजत के लिहाज से ही जारी किया है।
मेरे एक पड़ोसी हैं, रमेश जी। उनका बेटा पांचवीं कक्षा में पढ़ता है। उन्होंने आज सुबह कहा, “भाई, सुनकर बहुत अच्छा लगा। कल से ही बच्चे की खांसी बढ़ रही थी। अब मन शांत है कि वह गर्म कमरे में सुरक्षित है।” उनकी बात से मेरा मन भी हल्का हो गया।
इस एक्सटेंशन का क्या मतलब है?
इसका सीधा मतलब है कि बच्चों को कुछ और दिन की छुट्टी मिल गई है। लेकिन यह छुट्टी बिल्कुल मस्ती वाली नहीं है। यह एक प्रिकॉशन है, एक सावधानी। हमें बच्चों का खास ध्यान रखना होगा। उन्हें गर्म कपड़े पहनाने होंगे, पौष्टिक और गर्म भोजन देना होगा, और उनकी हलचल को घर के अंदर ही सीमित रखना होगा।
अब आगे क्या?
होमवर्क और ऑनलाइन क्लासेस का सिलसिला फिर से शुरू हो सकता है। माता-पिता और अध्यापकों की जिम्मेदारी बढ़ जाती है। बच्चों को इस बात का एहसास दिलाना जरूरी है कि यह छुट्टी मनोरंजन के लिए नहीं, बल्कि सुरक्षा के लिए है। थोड़ी सी सचेत रहने से हम इस कठिन मौसम को आसानी से पार कर सकते हैं।
मेरी व्यक्तिगत फीलिंग्स
मुझे याद आ रहा है, अपने बचपन की सर्दियाँ। तब भी ऐसे दिन आते थे जब स्कूल बंद हो जाता था। मगर आज की स्थिति थोड़ी भिन्न है। प्रदूषण और कोहरे ने मुसीबत को दोगुना कर दिया है। मेरा दिल छोटे-छोटे बच्चों को देखकर भर आता है, जो इस ठंड में स्कूल जाने के लिए तैयार होते हैं। आज का आदेश उनके लिए एक सुरक्षा कवच है।
नोट: यह आदेश फिलहाल आठवीं कक्षा तक के लिए है। अन्य कक्षाओं के लिए अलग से दिशा-निर्देश जारी होंगे। खबरें देखते रहें और मौसम की जानकारी बनाए रखें।
दोस्तों, यह समय सावधानी और एक दूसरे का ध्यान रखने का है। अपने बच्चों को समझाएं, उनका ख्याल रखें। थोड़ी सी मुश्किल है, लेकिन हम सब मिलकर इसे पार कर लेंगे। सेहत और सुरक्षा सबसे पहली प्राथमिकता है।
घर में रहें, सुरक्षित रहें, और गर्मागर्म चाय का आनंद लें!










